आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र का शास्त्रार्थ


आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच 16 दिन तक लगातार शास्त्रार्थ चला। इस शास्त्रार्थ में मंडन मिश्र की धर्मपत्नी देवी भारती को निर्णायक बनाया गया था।

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कुलदेवता


कुल अर्थात आप्तसंबंधों से एकत्र आए एवं एक रक्त-संबंध के लोग । जिस कुलदेवता की उपासना आवश्यक होगी, उस कुल में व्यक्ति जन्म लेता है |

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