Types of karma


प्रारब्ध कर्म तथा संचित कर्म कुछ कर्म बदले जा सकते हैं और कुछ नहीं । जैसे हलवा बनाते समय चीनी या घी की मात्रा कम हो, पानी अधिक या कम हो, उसे ठीक किया जा सकता है । पर हलवा पक जाने पर उसे फिर से सूजी में नहीं बदला जा सकता । मट्ठा अधिक…

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