विद्यार्थिदशा में ही सीखें मन का संतुलन – देवी वैभवीश्रीजी ने किया 5वें वर्ल्ड पार्लियामेंट ऑफ साइन्स, रिलिजन एंड फिलोसोफी सभा को सम्बोधित


देवी वैभवीश्री ने अपने वक्तव्य में मन के 5 स्वभाव के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराते हुए कहा कि, जैसे अगर रास्ते में ट्रैफिक ज्यादा है, तो गंतव्य तक पोहचने में ज्यादा समय लगता है, ठीक वैसे ही मन में आनेवाले नकारात्मक विचार और भावनाओं के ट्रैफिक के कारण हम अपने लक्ष्य तक पहुँच नही पाते। मन को तनावपूर्ण परिस्थितियों और नकारात्मक विचार तथा भावनाओं से बचाने में योग, प्राणायाम, मंत्रोच्चार एवं ध्यान का विशेष महत्व है।

पुणे येथील MIT विश्व शांती यूनिवर्सिटी मध्ये देवी वैभवीश्रीजी “युवा आध्यात्मिक गुरु” पुरस्काराने सम्मानित 


पुणे येथील MIT विश्व शांती यूनिवर्सिटी मध्ये देवी वैभवीश्रीजी "युवा आध्यात्मिक गुरु" पुरस्काराने सम्मानित  २० जानेवारी २०१८ , पुणे : देवी वैभवीश्रीजी यांना एम आय टी वर्ल्ड पीस युनिव्हर्सिटी च्या वतीने दिला जाणारा युवा अध्यात्मिक गुरु पुरस्कार प्राप्त झाला. भारतीय छात्र संसद फाउंडेशन, एम आय टी कॉलेज ऑफ गव्हर्नमेंट आणि एम आय टी वर्ल्ड पीस…

MIT वर्ल्ड पीस युनिव्हर्सिटी द्वारा देवी वैभवीश्रीजी “युवा आध्यात्मिक गुरू” पुरस्कार से सम्मानित 


भारतीय छात्र संसद फाऊंडेशन, MIT कॉलेज ऑफ गव्हर्नमेंट और MIT वर्ल्ड पीस युनिव्हर्सिटी द्वारा 9 वें भारतीय छात्र संसद समारोह में देवी वैभवीश्रीजी को "युवा आध्यात्मिक गुरू पुरस्कार" से सम्मानित किया गया |

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