वाशिम येथे देवी वैभवीश्रीजी यांना “संत सेवाश्री” पुरस्कार प्रदान


वाशिम येथे देवी वैभवीश्रीजी यांना "संत सेवाश्री" पुरस्कार प्रदान रविवार, 17 फेब्रुवारी 2019 वाशिम, महाराष्ट्र : सामाजिक कार्यात अग्रसेर असलेल्या तरूण क्रांती मंच पुरस्कार वितरण सोहळा व महाराष्ट्र शासन, शांतीलाल मुथा फाउंडेशन व्दारा जिल्हयात सुरु असलेल्या मुल्यवर्धन शिक्षकांचा भारतीय जैन संघटनेच्यावतीने आयोजित प्रेरक सन्मान सोहळ्यात पुलगामा येथील शहिद जवानांना भावपूर्ण श्रध्दांजली, देशभक्तीपर गित व विचाराने पुरस्कार…

विदेशों में कपड़ों से और भारत में ज्ञान से होती है व्यक्ति की पहचान : वैभवीश्री


विदेशों में कपड़ों से और भारत में ज्ञान से होती है व्यक्ति की पहचान: वैभवीश्री Dainik Bhaskar Feb 12, 2019, 04:12 AM IST Betul News अहंकार और द्वेष जीवन का नाश करते हैं। मनुष्य के भीतर भी अंहकार रूपी रावण होता है जिस पर विजय प्राप्त करना जरूरी है। मां दुर्गा की आराधना से भीतर के…

विष्णुसहस्रनाम स्तोत्र का महत्व


जब भी भगवान विष्‍णु की उपासना की बात होती है, तो विष्‍णु सहत्‍त्रनाम स्‍तोत्र का जिक्र जरूर होता है क्‍योंकि ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्‍णु को ये बहुत प्रिय है और जो भी व्‍यक्ति किसी इच्‍छा पूर्ति का संकल्‍प कर भगवान विष्‍णु के इस स्‍तोत्र का 1000 बार सच्‍चे मन से पाठ करता है, उसकी संकल्‍प की गई वांछित इच्‍छा जरूर पूरी होती है।

Ramayana Trail In Sri Lanka With Devi Vaibhavishriji


The aura of sacrament and Rama's incarnation lead you to the dogmatic belief of sanctity and serenity while you are on #Ramayana Tour. Stay tuned to join Ramayana Tour in #SriLanka.

देवी शक्ति के तीन प्रमुख रूप


जिस ऊर्जा से दूर से दिखनेवाले बृहदाकार और तेजस्वी तारे, ग्रह वैसे ही सूक्ष्म मानवी मन का और उसके अंतर्गत आने वाले भावनाओं का जनम हुआ वह ऊर्जा ही साक्षात् ‘देवी’ है। जिसे शक्ती मतलब ऊर्जा इस नाम से जाना जाता है। वही शक्ती समस्त ब्रम्हांड को निरन्तर कार्यरत रखने के लिए कारणीभूत है।

नवरात्रि में, इस ऊर्जा की विभिन्न नामों और रूपों में पूजा की जाती है।

"दिव्यता व्यापक है लेकिन वह सुप्त है। पूजा और आराधना द्वारा उसे जगाया जाता  हैं। "
देवी मां या शक्ति के तीन प्रमुख रूप हैं:

दुर्गा देवी : सुरक्षा की देवता
लक्ष्मी देवी: ऐश्वर्य की देवता
सरस्वती देवी: ज्ञान की देवता

चैतन्याची देवता – गणपती


साधनेच्या दृष्टीने गणपती हा मूलाधार चक्राचा अधिपती आहे. आदि शंकराचार्य यांनी केलेले गणपतीचे वर्णन हे अतिशय अद्भुत वर्णन आहे. आदि शंकराचार्य यांनी गणपतीच्या स्वरूपाचे जे वर्णन करताना परब्रह्माचे स्वरूप समोर ठेवले आहे.

श्री कल्याण जी डिग्गीपुरी के लाखों पदयात्रियों का जत्था रवाना होगा 16 अगस्त को


श्री कल्याण जी डिग्गीपुरी के लाखों पदयात्रियों का जत्था रवाना होगा 16 अगस्त को

वर्तमान रामायण

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रामायण ७,५०० वर्ष पूर्व घटित हुई |उसका जर्मनी और यूरोप और पूर्व के कई देशो पर प्रभाव पड़ा | हजारों से अधिक नगरों का नामकरण राम से हुआ | जर्मनी मे रामबौघ, इटली मे रोम का मूल राम शब्द मे ही है | इंडोनेशिया, बाली और जापान सभी रामायण से प्रभावित हुये | वैसे तो रामायण इतिहास है परन्तु यह एक ऐसी अनंत घटना है, जो हर समय घटित होती रहती है |

मुलींच्या जन्माचे स्वागत उत्सवाने करा – देवी वैभवीश्रीजी


जर मुली जन्माला आल्या नाही तर आपल्याला बहिण, बायको, आई मिळणार नाही. मुलींच्या जन्माचे स्वागत उत्सवाने करा, असे आवाहन श्रीश्री रविशंकर यांच्या कृपापात्र शिष्या देवी वैभवीश्रीजी यांनी अमृतवाणीतून ४ ऑक्टोंबर रोजी श्री हनुमान रामकथेच्या तृतीय पुष्पात केले.

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